‘बेटियां राजनीति का विषय नहीं’; अखिलेश यादव की बेटी को लेकर वायरल पोस्ट पर BJP विधायक राजेश्वर सिंह का कड़ा संदेश

लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की बेटी को लेकर सोशल मीडिया पर प्रसारित कथित भ्रामक और आपत्तिजनक पोस्ट को लेकर सियासी और सामाजिक प्रतिक्रिया तेज हो गई है। इस मामले में बीजेपी विधायक राजेश्वर सिंह ने कड़ी नाराजगी जताते हुए इसे लोकतांत्रिक मर्यादाओं और सामाजिक मूल्यों के खिलाफ बताया है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन किसी भी परिवार, विशेष रूप से बेटियों को निशाना बनाना स्वीकार्य नहीं हो सकता।

राजेश्वर सिंह ने सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में कहा कि लोकतंत्र में विचारों का संघर्ष स्वाभाविक है, लेकिन व्यक्तिगत और पारिवारिक स्तर पर हमला करना स्वस्थ राजनीतिक संस्कृति का हिस्सा नहीं है। उन्होंने कहा कि किसी भी महिला या बेटी के बारे में असत्य और अपमानजनक सामग्री प्रसारित करना न केवल गलत है, बल्कि समाज में भी नकारात्मक संदेश देता है।

साइबर जांच और सख्त कार्रवाई की मांग

बीजेपी विधायक ने प्रशासन और साइबर सेल से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जो भी लोग इस तरह की भ्रामक और अपमानजनक सामग्री फैलाने में शामिल पाए जाएं, उनके खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने दोहराया कि बेटियों का सम्मान किसी भी राजनीतिक विचारधारा या दल से ऊपर है और इस विषय पर पूरे समाज को एकजुट होकर खड़ा होना चाहिए।

सपा नेता की शिकायत पर दर्ज हुआ मुकदमा

मामले में समाजवादी अधिवक्ता सभा के राष्ट्रीय सचिव अधिवक्ता प्रवीण यादव ने पुलिस कमिश्नर को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के बाद साइबर सेल ने तीन लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सोशल मीडिया पर साझा की गई एक पोस्ट में अखिलेश यादव की बेटी के बारे में झूठी और तथ्यहीन बातें लिखी गईं। पोस्ट में उनके संबंध में भ्रामक दावे किए गए थे और एक कथित रूप से संपादित तस्वीर भी साझा की गई थी। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि इससे न केवल एक महिला की गरिमा को ठेस पहुंची, बल्कि एक राजनीतिक परिवार की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास भी किया गया।

तीन आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज

साइबर सेल पुलिस ने शिकायत के आधार पर भरत कुमार पटेल, नागेश्वर सिंह और विनोद कुमार यादव के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सभी डिजिटल साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है।

राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी दिए संकेत

इस पूरे विवाद पर राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया के. रहाटकर की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। उन्होंने कहा कि किसी भी बेटी या महिला के सम्मान से जुड़ा मामला गंभीर होता है। यदि आयोग को इस संबंध में औपचारिक शिकायत प्राप्त होती है तो नियमानुसार मामले का संज्ञान लिया जाएगा।

 

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